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घरौनी प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करें | Gharauni Praman patra Download PDF

 अगर आप उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और गांव में आपका अपना मकान या खाली प्लॉट है, तो आपने घरौनी प्रमाण पत्र के बारे में जरूर सुना होगा। जिस तरह खेती किसानी वाली जमीन के मालिकाना हक को साबित करने के लिए खतौनी होती है ठीक उसी तरह आपके गांव के घर या रहने की संपत्ति के मालिकाना हक का सरकारी प्रमाण घरौनी प्रमाण पत्र होता है इसे स्वामित्व कार्ड भी कहते हैं।

आजादी के कई दशकों बाद तक भारत के गांवों में बने मकानों का कोई आधिकारिक सरकारी कागज या दस्तावेज नहीं होता था। यही वजह थी कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अपने ही घर पर बैंक से लोन नहीं ले पाते थे और न ही आपसी संपत्ति विवादों का निपटारा आसानी से हो पाता था। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल दिया है।

अब उत्तर प्रदेश के हर गांव में ड्रोन कैमरे से सर्वे कराकर हर मकान की सटीक मैपिंग की जा रही है और ग्रामीणों को उनका डिजिटल घरौनी प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। अगर आप जानना चाहते हैं कि घरौनी क्या है, इसके क्या-क्या फायदे हैं और इसे आप अपने मोबाइल फोन से घर बैठे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम आने वाला है।

घरौनी प्रमाण पत्र क्या है? 

घरौनी एक प्रकार का डिजिटल संपत्ति दस्तावेज है, जो उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा जारी किया जाता है। यह इस बात का कानूनी सबूत है कि संबंधित गांव में स्थित अमुक मकान या प्लॉट का असली मालिक कौन है।

स्वामित्व योजना के तहत पंचायती राज विभाग और राजस्व विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सबसे पहले गांव का नक्शा ड्रोन से तैयार किया जाता है, फिर हर घर की सीमा तय की जाती है और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मकान मालिक के नाम पर आधिकारिक घरौनी कार्ड तैयार होता है। इस कार्ड में आपकी संपत्ति का पूरा ब्योरा दर्ज होता है, जैसे मकान मालिक का नाम और पिता का नाम गांव, ब्लॉक, तहसील और जिले का नाम के साथ यूनिक प्रॉपर्टी आईडी मकान का कुल क्षेत्रफल मकान की सटीक सीमाएं (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम में क्या है) इसके अलावा भी कई उस जमीन से संबंधित जानकारी।

घरौंनी प्रमाण पत्र से क्या-क्या फायदे हैं:

अब आपको अपने घर के मालिकाना हक के लिए किसी प्रधान, सरपंच या पड़ोसियों की गवाही की जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा जारी घरौनी कार्ड आपके घर का सबसे बड़ा कानूनी सबूत है। और पहले गांव के मकान की कोई रजिस्ट्री या पक्का कागज न होने के कारण बैंक उस पर होम लोन या पर्सनल लोन देने से मना कर देते थे। अब घरौनी को बैंक में रखकर आसानी से बिजनेस या होम लोन दिया जा रहा है।

अगर आप गांव में अपना मकान या प्लॉट बेचना चाहते हैं या खरीदना चाहते हैं, तो घरौनी से फर्जीवाड़े का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है।

सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

प्राकृतिक आपदा या किसी दुर्घटना के समय संपत्ति के नुकसान का मुआवजा पाने में घरौनी बहुत मददगार साबित होती है।

मोबाइल से घरौनी डाउनलोड कैसे करें?

अगर आपके गांव का सर्वे हो चुका है और आपकी घरौनी बन गई है, तो आपको तहसील के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

यहाँ हम आपको दो सबसे आसान और कारगर तरीके बता रहे हैं: जिनसे आप पीडीएफ फाइल में घरौनी प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं और नीचे आपको एक लिंक दिया गया है वहां से आप घरौनी की लिस्ट में अपना नाम चेक करके देख सकते हैं।

तरीका 1: 

सबसे पहले अपने मोबाइल का Chrome ब्राउज़र खोलें और ऑफिशियल वेबसाइट edistrict.up.gov.in पर जाएं।

Citizen Login पर जाएं होमपेज पर ऊपर दिए गए Citizen Login वाले विकल्प पर टैप करें। अगर आपका पहले से अकाउंट नहीं है, तो नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करके अपना नाम, मोबाइल नंबर डालकर आईडी बना लें। अगर अकाउंट है, तो यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।

लॉगिन करने के बाद आपको ई-सार्थी की विभिन्न सेवाओं की सूची दिखेगी। वहां स्वामित्व योजना या 'घरौनी प्रमाण पत्र के लिंक पर क्लिक करें।

अपने जिले का नाम चुनें।

अपनी तहसील का चयन करें।

अपना ब्लॉक और ग्राम चुनें।

अब आप अपने नाम से, पिता के नाम से या अपने प्रॉपर्टी नंबर/खाता संख्या से अपनी संपत्ति खोज सकते हैं। फिर आपकी घरौनी स्क्रीन पर दिखाई देगी। नीचे दिए गए Print या Download PDF बटन पर क्लिक करके इसे अपने मोबाइल स्टोरेज में सुरक्षित रख लें।

तरीका 2: SMS लिंक द्वारा सीधे डाउनलोड करें

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जब किसी गांव की घरौनी फाइनल हो जाती है, तो पंजीकृत मकान मालिकों के मोबाइल नंबर पर एक आधिकारिक मैसेज भेजा जाता है। अपने मोबाइल का SMS Inbox खोलें। राजस्व विभाग या स्वामित्व योजना की तरफ से आए मैसेज को देखें। उस मैसेज में आपकी घरौनी डाउनलोड करने का एक डायरेक्ट वेब लिंक दिया होता है। उस लिंक पर टैप करते ही आपका घरौनी कार्ड पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में खुल जाता है, जिसे आप तुरंत सेव कर सकते हैं। अगर पोर्टल पर आपकी घरौनी न दिखे तो क्या करें?

कई बार लोग शिकायत करते हैं कि सब कुछ सही भरने के बाद भी उनकी घरौनी ऑनलाइन शो नहीं हो रही है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

ऐसे में हो सकता है कि आपके गांव में अभी ड्रोन सर्वे का काम चल रहा हो या डेटा एंट्री की प्रक्रिया पूरी न हुई हो। या गांव में सर्वे के दौरान किसी संपत्ति पर विवाद या आपत्ति दर्ज कराई गई थी, तो निस्तारण होने तक घरौनी होल्ड पर रख दी जाती है। डिजिटल रिकॉर्ड को पोर्टल पर अपलोड होने में थोड़ा समय लगता है। अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क करें और पूछें कि आपके गांव का स्वामित्व कार्ड वितरण हुआ है या नहीं। इसके अलावा आप अपने निकटतम जन सेवा केंद्र पर जाकर भी अपनी संपत्ति का स्टेटस चेक करवा सकते हैं।

यहां नीचे दिए गए लिंक से भी आप स्वामित्व योजना की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर अपने गांव को घरौनी लिस्ट देख सकते हैं।

Swamitwa घरौनी 

निष्कर्ष:

उत्तर प्रदेश सरकार की घरौनी योजना ने ग्रामीण भारत के लोगों को उनकी ही संपत्ति का वास्तविक अधिकार देकर एक बड़ा डिजिटल बदलाव किया है। अब गांव का हर नागरिक अपने घर के कागजात के बल पर बैंक लोन ले सकता है और अपनी संपत्ति को सुरक्षित रख सकता है।

अगर आपकी घरौनी अभी तक नहीं बनी है, तो अपने स्थानीय लेखपाल से संपर्क करें। और अगर आपकी घरौनी बन चुकी है, तो ऊपर बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके आज ही अपने मोबाइल में इसे डाउनलोड करके रख लें।

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